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खंड 3 — समाज का नंगा सच
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पैसा गंदा नहीं, पैसे का डर गंदा है
मुद्रित पुस्तक में पृष्ठ 75
जाति, ग़रीबी, पैसा, स्कूल, परंपरा, भीड़ — वे सच जो सब जानते हैं, कोई कहता नहीं।
- जाति
- ग़रीबी
- पैसा
- शिक्षा
- परंपरा
- भीड़
दो सवाल
- 01
आपके घर में कितने लोगों को पता है कि घर की असली माली हालत क्या है?
- 02
और पिछली बड़ी ख़रीद — वह आपकी ज़रूरत थी, या किसी की नज़र का जवाब?