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खंड 3 — समाज का नंगा सच
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भीड़ के पास चेहरा है, दिमाग़ नहीं
मुद्रित पुस्तक में पृष्ठ 87
जाति, ग़रीबी, पैसा, स्कूल, परंपरा, भीड़ — वे सच जो सब जानते हैं, कोई कहता नहीं।
- जाति
- ग़रीबी
- पैसा
- शिक्षा
- परंपरा
- भीड़
दो सवाल
- 01
पिछली बार आपने कोई ऐसी बात कब आगे भेजी थी जिसकी सच्चाई आपने ख़ुद नहीं जाँची थी?
- 02
और जिस आदमी को आप सबसे ज़्यादा मानते हैं — क्या आप उसकी एक ग़लती गिना सकते हैं? अगर नहीं, तो सोचिए कि यह उसकी ख़ूबी है या आपकी कमज़ोरी।