मुख्य सामग्री पर जाएँ
मअ
हिं|EN
← विचारों का विद्रोह

खंड 4 — सत्ता का चरित्र

23

जिस दिन विचार भगवान बन जाए

मुद्रित पुस्तक में पृष्ठ 109

कम्युनिज़्म ने आँख दी, फिर सवाल छीनने चाहे। यह खंड लेखक का अपना हिसाब है।

  • वामपंथ
  • विचारधारा की सीमा
  • सत्ता
  • क्रांति
  • धर्म के ठेकेदार
  • असहमति

दो सवाल

  1. 01

    आप जिस धर्म को मानते हैं, उसका मूल ग्रंथ आपने कभी ख़ुद पढ़ा है — बिना किसी के समझाए?

  2. 02

    और जो आप रोज़ करते हैं, उसमें से कितना उस ग्रंथ में लिखा है, और कितना किसी ने आपको बताया है?