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खंड 4 — सत्ता का चरित्र
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असहमति की क़ीमत — मैंने क्या खोया
मुद्रित पुस्तक में पृष्ठ 113
कम्युनिज़्म ने आँख दी, फिर सवाल छीनने चाहे। यह खंड लेखक का अपना हिसाब है।
- वामपंथ
- विचारधारा की सीमा
- सत्ता
- क्रांति
- धर्म के ठेकेदार
- असहमति
दो सवाल
- 01
कोई ऐसी बात है जो आप वर्षों से कहना चाहते हैं और नहीं कह पाए? उसे न कहने की क़ीमत आप अब तक कितनी चुका चुके हैं?
- 02
और कोई ऐसा आदमी है जिससे बात बंद है? वह बात किस मुद्दे पर बंद हुई थी — क्या आपको अब भी ठीक-ठीक याद है?
अगर याद नहीं है, तो अब उस चुप्पी की कोई वजह नहीं बची।