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खंड 5 — धर्म, मृत्यु, मुक्ति
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सच्चा गुरु अपने से आज़ाद कर देता है
मुद्रित पुस्तक में पृष्ठ 127
झगड़ा ईश्वर से नहीं, ठेकेदारों से है। धर्म संगठन है; अध्यात्म अकेली यात्रा।
- धर्म बनाम अध्यात्म
- ठेकेदार
- गुरु
- कर्म
- योग-भोग-मोक्ष
- युवाओं के नाम
इस अध्याय से
दो सवाल
- 01
जिसे आप अपना गुरु मानते हैं — क्या आप उससे असहमत हो सकते हैं? और अगर हाँ, तो क्या होगा?
- 02
और उनकी संगत में जितने साल बीते, उनमें आप उनसे ज़्यादा स्वतंत्र हुए या ज़्यादा निर्भर?