अध्यात्म
शिक्षाएँ
सच्चा गुरु अपने से आज़ाद कर देता है।
उनकी शिक्षा का केंद्र एक ही बात है — मानिए मत, जाँचिए। “मैं नहीं चाहता कि आप मेरी बात मानें। मैं चाहता हूँ कि आप जाँचना सीखें। अगर यह आ गया, तो मेरी बात की ज़रूरत ही नहीं रहेगी।”
गुरु-शिष्य के रिश्ते पर उनका रुख़ भी वही है। सच्चा गुरु बाँधता नहीं, छोड़ता है। जो विचार आपसे आपकी सोचने की आज़ादी माँगने लगे, उस विचार से भी सवाल करना चाहिए।
युवाओं के नाम उनका एक पूरा अध्याय है — और उसका सार भी यही है कि तैयार जवाब लेने से पहले सवाल पूछने का सलीक़ा सीखिए।
सच्चा गुरु अपने से आज़ाद कर देता है।
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