विचार-संग्रह
जो पढ़कर रुकना पड़े
34 विचार, श्रेणियों में बँटे हुए। हर एक के नीचे उसका स्रोत लिखा है — किस अध्याय से आया है।

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विचार ही वास्तविक क्रांति है।
मूल्य · आवरणजब तक समाज में अंतिम व्यक्ति सम्मानपूर्वक नहीं जीता, तब तक हमारा संघर्ष जारी रहेगा।
सेवा · आवरणजिस विचार से आप सवाल नहीं पूछ सकते, वह आपका विचार नहीं है। वह आपका मालिक है।
मूल्य · अध्याय 20आदमी सत्ता में पहुँचकर बदलता नहीं। सत्ता सिर्फ़ यह दिखा देती है कि वह असल में था क्या।
समाज · अध्याय 21आज़ादी झंडे से नहीं मिलती। वह उस खिड़की पर मिलती है जहाँ आम आदमी अपना काम कराने जाता है।
सेवा · अध्याय 21हमने अपने ग्रंथों को पढ़ा नहीं। हमने उन्हें पूजा है। और पूजा सबसे सुरक्षित तरीक़ा है किसी बात से बचने का।
धर्म · अध्याय 19किसी विचार को उसके नाम से मत जाँचिए। उसकी बात से जाँचिए। सच पर किसी का ठप्पा नहीं लगा होता।
मूल्य · अध्याय 19एक ज़ुल्म हटाकर दूसरा ज़ुल्म बिठा देना क्रांति नहीं है। वह सिर्फ़ पहरेदार बदलना है।
समाज · प्रवेशसबसे ख़तरनाक ग़ुलामी वह विचार है जिसे हम अपना समझते हैं — और जिसने हमें सोचना बंद करा दिया है। उस जेल की सलाखें दिखाई नहीं देतीं, और क़ैदी ख़ुद उसका पहरेदार होता है।
मूल्य · प्रवेशमनुष्य विचारधारा के लिए नहीं है। विचारधारा मनुष्य के लिए है।
मानवता · प्रवेशअपनी ग़लती मानना हार नहीं है। हार यह है कि आपको पता हो कि आप ग़लत हैं, और आप सिर्फ़ इज़्ज़त के लिए अड़े रहें।
मूल्य · अध्याय 46जो काम रह जाते हैं, वे समय की कमी से नहीं रहते। वे इसलिए रहते हैं कि हम उन्हें कल पर टालते रहे — यह मानकर कि कल ज़रूर आएगा।
जीवन · अध्याय 47प्रेम कीजिए, पर मालिक मत बनिए। साथ दीजिए, पर हिसाब मत रखिए।
परिवार · अध्याय 8विवाह दो लोगों को एक जैसा नहीं बनाता। वह उन्हें यह सिखाता है कि अलग रहते हुए साथ कैसे चला जाए।
परिवार · अध्याय 7जिसका अवगुण दिखाई देता है, उसे समाज सज़ा दे देता है। जिसका अवगुण भीतर है, उसे समाज माला पहना देता है।
समाज · अध्याय 11मैं नहीं चाहता कि आप मेरी बात मानें। मैं चाहता हूँ कि आप जाँचना सीखें। अगर यह आ गया, तो मेरी बात की ज़रूरत ही नहीं रहेगी।
युवा · अध्याय 30अगर सम्मान देना है तो जीते जी दीजिए। मरने के बाद जो होता है, वह ज़िंदा लोगों के बीच होता है।
मृत्यु और जीवन-दर्शन · अध्याय 17मैं वह आदमी हूँ जिसने सवाल पूछना नहीं छोड़ा। और जब तक एक भी सवाल ज़िंदा है — क्रांति ज़िंदा है।
जीवन · प्रवेशभाग्य उन लोगों का सबसे प्यारा शब्द है जिन्हें कभी जवाब नहीं देना पड़ा।
समाज · अध्याय 14जो आदमी कभी नहीं बदला, उसने सीखा नहीं। उसने बस अपनी पहली राय को ज़िंदगी भर ढोया है।
जीवन · अध्याय 46धर्म संगठन है, अध्यात्म अकेली यात्रा।
अध्यात्म · अध्याय 25मेरा झगड़ा ईश्वर से नहीं, ठेकेदारों से है।
धर्म · अध्याय 26सच्चा गुरु अपने से आज़ाद कर देता है।
अध्यात्म · अध्याय 27मेरी आग बुझी नहीं। उसका रुख़ बदल गया।
अध्यात्म · प्रवेशचुप्पी भी एक तरह की मौत है। और मैं दो बार मरने को तैयार नहीं हूँ।
जीवन · प्रवेशसत्य किसी की जागीर नहीं है। सत्य ख़रीदा नहीं जाता, विरासत में नहीं मिलता। उसे खोजना पड़ता है।
मूल्य · प्रवेशमेरी सबसे बड़ी ग़लतियाँ वे नहीं थीं जो मैंने कीं। मेरी सबसे बड़ी ग़लतियाँ वे चुप्पियाँ थीं जो मैंने ओढ़ लीं।
जीवन · प्रवेशजाति मरी नहीं — उसने सूट पहन लिया।
समाज · अध्याय 13ग़रीबी भाग्य नहीं, इंतज़ाम है।
सेवा · अध्याय 14स्कूल ने नौकर बनाया, इंसान नहीं।
युवा · अध्याय 16हर क्रांति अपने ही बच्चे खाती है।
समाज · अध्याय 22पेड़ काटने वाला दोषी है, और चुप रहने वाला भी।
मानवता · अध्याय 36मौत से डर नहीं लगता, अधूरेपन से लगता है।
मृत्यु और जीवन-दर्शन · अध्याय 37पृथ्वी एक खुली जेल है।
मृत्यु और जीवन-दर्शन · अध्याय 40
लेखन और ब्लॉग
लंबे पाठ, पूरे तर्क के साथ
छोटी पंक्तियाँ ऊपर हैं। नीचे वे लेख हैं जहाँ बात पूरी खुलती है।