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खंड 1 — भीतर बैठा दुश्मन
02
लालच डरे हुए अमीर की बीमारी है
मुद्रित पुस्तक में पृष्ठ 19
डर, लालच, अहंकार, क्रोध — बाहर की हर व्यवस्था यहीं से शुरू होती है।
- डर
- लालच
- अहंकार
- क्रोध
- ईर्ष्या
- अकेलापन
तीन सवाल
- 01
आपके पास कितना हो जाए तो आप कहेंगे — बस, अब काफ़ी है?
- 02
क्या आपने कभी यह आँकड़ा तय किया है, या वह हर बार अपने आप आगे खिसक जाता है?
- 03
और जिस चीज़ के पीछे आप आज दौड़ रहे हैं — वह आपको चाहिए, या आप चाहते हैं कि लोग देखें कि वह आपके पास है?
तीसरे सवाल का जवाब सबसे ज़्यादा चुभेगा। उसी को सबसे ज़्यादा समय दीजिए।
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