मुख्य सामग्री पर जाएँ
मअ
हिं|EN
← विचारों का विद्रोह

खंड 5 — धर्म, मृत्यु, मुक्ति

29

योग, भोग और मोक्ष — जवानी में ही

मुद्रित पुस्तक में पृष्ठ 135

झगड़ा ईश्वर से नहीं, ठेकेदारों से है। धर्म संगठन है; अध्यात्म अकेली यात्रा।

  • धर्म बनाम अध्यात्म
  • ठेकेदार
  • गुरु
  • कर्म
  • योग-भोग-मोक्ष
  • युवाओं के नाम

दो सवाल

  1. 01

    आप कौन-सा काम “बाद में” के लिए बचाकर रखे हुए हैं — और वह बाद कब आएगा?

  2. 02

    और अगर आज ही आपको सब छोड़ना पड़े, तो सबसे ज़्यादा किस बात का अफ़सोस होगा — जो किया, या जो नहीं किया?