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खंड 5 — धर्म, मृत्यु, मुक्ति
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योग, भोग और मोक्ष — जवानी में ही
मुद्रित पुस्तक में पृष्ठ 135
झगड़ा ईश्वर से नहीं, ठेकेदारों से है। धर्म संगठन है; अध्यात्म अकेली यात्रा।
- धर्म बनाम अध्यात्म
- ठेकेदार
- गुरु
- कर्म
- योग-भोग-मोक्ष
- युवाओं के नाम
दो सवाल
- 01
आप कौन-सा काम “बाद में” के लिए बचाकर रखे हुए हैं — और वह बाद कब आएगा?
- 02
और अगर आज ही आपको सब छोड़ना पड़े, तो सबसे ज़्यादा किस बात का अफ़सोस होगा — जो किया, या जो नहीं किया?